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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 25th Nov 2022

    निर्बीज क्यों हो चले हम!

    आज मैं एक बार फिर हिन्दी के श्रेष्ठ कवि और गीतकार श्री सोम ठाकुर जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| सोम ठाकुर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री सोम ठाकुर जी का यह गीत– इस तरह निर्बीज -सेक्यों हो चले हम आजहरियल घास…

  • 16th Aug 2026

    दुनिया से निराली है!

    दुनिया से निराली है ‘नज़ीर’ अपनी कहानी,अँगारों से बच निकला हूँ फूलों से जला हूँ| नज़ीर बनारसी

  • 16th Aug 2026

    मैं खुद ही खो गया!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में राणा सहरी जी ग़ज़ल का अंतिम शेर जिसे जगजीत सिंह जी ने गाया है-मैं खुद ही खो गया तुझे पाने की फिक्र में!शायर- राना सहरीगायक- जगजीत सिंहप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । ******

  • 16th Aug 2026

    दम भर जो उधर मुँह फेरे!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- दम भर जो उधर मुँह फेरे ओ चंदा मैं उनसे प्यार कर लूँगीफिल्म- आवारा मुख्य कलाकार- राज कपूर, नर्गिस गीतकार- शैलेंद्रसंगीतकार- शंकर जयकिशन गायक- लता मंगेशकर, मुकेश प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 15th Aug 2026

    कभी सूली पे चढ़ा हूँ!

    हर दौर ने बख़्शी मुझे मेराज-ए-मोहब्बत,नेज़े पे चढ़ा हूँ कभी सूली पे चढ़ा हूँ| नज़ीर बनारसी

  • 15th Aug 2026

    मिल जाऊँगा दरिया में

    मिल जाऊँगा दरिया में तो हो जाऊँगा दरिया,सिर्फ़ इस लिए क़तरा हूँ कि दरिया से जुदा हूँ| नज़ीर बनारसी

  • 15th Aug 2026

    बेशक मेरे नसीब पे!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में राना सहरी जी का एक और शेर जिसे जगजीत सिंह जी ने गाया है- बेशक मेरे नसीब पे रख अपना इख्तियार!शायर- राना सहरी गायक- जगजीत सिंह प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****

  • 15th Aug 2026

    मैं ख़ाक हूँ मैं आग हूँ !

    दुनिया का कोई हादसा ख़ाली नहीं मुझ से,मैं ख़ाक हूँ मैं आग हूँ पानी हूँ हवा हूँ| नज़ीर बनारसी

  • 15th Aug 2026

    वो आइना हूँ जो कभी!

    वो आइना हूँ जो कभी कमरे में सजा था,अब गिर के जो टूटा हूँ तो रस्ते में पड़ा हूँ| नज़ीर बनारसी

  • 15th Aug 2026

    क्या वह भी अरमान तुम्हारा!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय जानकीवल्लभ शास्त्री जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। शास्त्री जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय जानकीवल्लभ शास्त्री जी का यह गीत- क्या वह भी अरमान तुम्हारा? जो मेरे नयनों के सपने,जो मेरे प्राणों के अपने ,दे-दे कर अभिशाप चले…

  • 15th Aug 2026

    अकेले हैं चले आओ जहाँ हो!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- फिल्म- राजमुख्य कलाकार – राजेश खन्ना, बबीता गीतकार- शमीम जयपुरीसंगीतकार- कल्याणजी आनंदजीगायक- मोहम्मद रफ़ी प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। *****

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